आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 44.75 करोड़ की संपत्तियां जब्त
लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत 9 आरोपियों पर आरोप तय करने का निर्देश
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईआरसीटीसी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 44.75 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके साथ ही अदालत ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव समेत मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है।
ईडी ने सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत मामले की जांच शुरू की थी। यह मामला आईपीसी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता और अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान ईडी के अनुसार, रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। आरोप है कि पुरी और रांची स्थित रेलवे होटलों का कॉन्ट्रैक्ट सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। इसके बदले डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को करीब 2 एकड़ जमीन कम कीमत पर ट्रांसफर की गई।
ईडी के मुताबिक, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड प्रेम चंद गुप्ता के परिवार के नियंत्रण में थी। बाद में कम कीमत पर शेयर खरीद के जरिए कंपनी और जमीन का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे जमीन का मालिकाना हक यादव परिवार के पास आ गया।
इस मामले में 24 अगस्त 2018 को दिल्ली के राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सीबीआई की ओर से अभियोजन शिकायत दाखिल की गई थी। ईडी ने पीएमएलए की धारा 5 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जांच के दौरान 44,75,00,000 रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त कीं। इन संपत्तियों की जब्ती पर एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी की भी मंजूरी मिल चुकी है।
अदालत ने राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव, लालू प्रसाद यादव और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 4 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।