Breaking News
अब बाबा बौखनाग के नाम से जानी जाएगी सिलक्यारा सुरंग
अब बाबा बौखनाग के नाम से जानी जाएगी सिलक्यारा सुरंग
कूड़ा हटाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बजट देने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश 
कूड़ा हटाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बजट देने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश 
आईपीएल 2025 के 32वें मुकाबले में आज राजस्‍थान रॉयल्‍स से भिड़ेगी दिल्‍ली कैपिटल्‍स
आईपीएल 2025 के 32वें मुकाबले में आज राजस्‍थान रॉयल्‍स से भिड़ेगी दिल्‍ली कैपिटल्‍स
मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों को दी बड़ी सौगात 
मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों को दी बड़ी सौगात 
कॉमेडी फिल्म ‘खिचड़ी’ के तीसरे पार्ट का हुआ एलान, जानिये कब रिलीज होगी फिल्म
कॉमेडी फिल्म ‘खिचड़ी’ के तीसरे पार्ट का हुआ एलान, जानिये कब रिलीज होगी फिल्म
तीन जजों की बेंच आज वक्फ (संशोधन) एक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर करेगी सुनवाई 
तीन जजों की बेंच आज वक्फ (संशोधन) एक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर करेगी सुनवाई 
बीमार होने वाले घोड़ा-खच्चरों को किया जाएगा क्वारंटीन, जगह की गई चिह्नित 
बीमार होने वाले घोड़ा-खच्चरों को किया जाएगा क्वारंटीन, जगह की गई चिह्नित 
युवाओं में तेजी से क्यों बढ़ती जा रही है फैटी लिवर की समस्या, आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय 
युवाओं में तेजी से क्यों बढ़ती जा रही है फैटी लिवर की समस्या, आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय 
डेंगू-चिकनगुनिया के खिलाफ बहुस्तरीय अभियान शुरू
डेंगू-चिकनगुनिया के खिलाफ बहुस्तरीय अभियान शुरू

ओपिनियन और एग्जिट पोल सब गलत साबित हुए

ओपिनियन और एग्जिट पोल सब गलत साबित हुए

हरिशंकर व्यास
सोशल मीडिया में लगभग सन्नाटा है। यूट्यूब चैनल्स पर भी कोई खास शोर-शराबा नहीं है। मीडिया समूहों ने अपने चैनलों पर झारखंड विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान के बाद ओपिनियन पोल्स प्रसारित किए लेकिन किसी ने उन पर ध्यान नहीं दिया और न किसी ने उनको गंभीरता से लिया। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के आधार पर कोई भी पार्टी जीत का दावा भी नहीं कर रही है। मीडिया समूह खुद ही अपने सर्वेक्षण को लेकर भरोसे में नहीं हैं। सबसे दिलचस्प यह है कि लोकसभा चुनाव के समय तक जो ओपिनियन और एक्जिट पोल में जो बड़े नाम माने जाते थे वे तस्वीर से बाहर हो गए हैं। असल में लोकसभा चुनाव और उसके बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव ने तमाम सर्वे एजेंसियों, मीडिया समूहों, सोशल मीडिया के योद्धाओं और यूट्यूब चैनल्स के पक्षपाती व अपेक्षाकृत निष्पक्ष पत्रकारों को भी गलत साबित कर दिया। किसी को समझ में नहीं आया कि आखिर क्या हुआ।

चार महीने में दूसरी बार ज्यादातर मीडिया समूह, सर्वे एजेंसियां और सोशल मीडिया के राजनीतिक विश्लेषक गलत साबित हुए। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में ज्यादातर मीडिया समूहों और सर्वे एजेंसियों ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की थी। कई समूह तो ऐसे थे, जिन्होंने एक्जिट पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अबकी बार चार सौ पार’ के नारे को साकार होता देखा था। भाजपा को तीन सौ से चार या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की भविष्यवाणी की जा रही थी। हालांकि ‘नया इंडिया’ के इसी ‘गपशप’ कॉलम में चार जून के नतीजों से ठीक पहले वाले शनिवार यानी एक जून को संभावित नतीजों की टेबल छपी थी, जिसमें भाजपा को 235 सीटें  मिलने का अनुमान लगाया गया था।

ओपिनियन और एक्जिट पोल सब गलत साबित हुए। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने 204 सीटें जीत ली और भाजपा 240 सीट पर रह गई। उसके बाद हुए हरियाणा और जम्मू कश्मीर के चुनाव में तमाम सर्वे एजेंसियों और मीडिया समूहों ने सावधानी बरती। फिर भी सब गलत साबित हुए। लगभग सभी सर्वेक्षणों में कांग्रेस को जीतते हुए दिखाया गया था। लेकिन सारी अटकलों को गलत साबित करते हुए भाजपा तीसरी बार जीत गई। उसके बाद दो तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक प्रतिक्रिया में कांग्रेस पर जोरदार हमला हुआ। राहुल गांधी के करीबी नेताओं पर टिकट बेचने और 10 तरह की गड़बड़ी के आरोप लगे। दूसरी प्रतिक्रिया ईवीएम के जरिए भाजपा के जीत जाने की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top